Navgriha Pooja – जानें क्यों करते हैं लोग नवग्रहों की पूजा

Navgriha Pooja – जानें क्यों करते हैं लोग नवग्रहों की पूजा

Navgriha Pooja

हमारे ऋषि मुनि एवं प्राचीन विद्वानों के अनुसार आकाश में विधमान सभी ग्रह नक्षत्र ही मनुष्य ही नही बल्कि समस्त प्राणियों पर अपना प्रभाव डालते हैं.

यह नक्षत्र ही मनुष्य के समस्त जीवन को नियंत्रित करते हैं बालक का जन्म होता हैं तो उसके माता पिता उसका जन्म समय तुरंत नोट करते हैं और फिर विद्वान ब्राह्मणों और ज्योतिषयों को दिखाते हैं तथा उस बालक की जन्म पत्रि बनवाकर भविष्य जानना चाहते हैं?

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जन्म पत्री का साधारण सा अर्थ है बालक ने जब जन्म लिया , जिस स्थान पर जन्म लिया उस स्थान से उस समय कोन से ग्रह नछत्र अपनी निश्चित चाल के अनुसार अपनी कक्षा (circle) में ब्रमण करते हैं उसी के अनुसार ज्योतिषाचार्य या विद्वान लोग हिसाब लगाकर जन्म पत्री बनाते हैं और बालक का भविष्य बताते ह की यह बालक भविष्य मे क्या बनेगा या इसका भविष्य कैसा होगा ?

सूर्य,चन्द्र,मंगल,बुध,बृहस्पति,शुक्र, शनि, राहु,केतु, ये नवग्रह कहलाय जाते हैं सूर्य को आध्यात्मिक शक्ति पुंज माना गया है तो चन्द्रमा को ओषधि पति देवताओं का गुरु होने के कारण ब्रहस्पति को देवगुरु भी कहते हैं समस्त ग्रहों में सबसे विशाल ब्रहस्पति हैं शुक्र ग्रह यष्मान सम्मान और बलवीर्य का प्रदाता है राहु और केतु नीच ग्रह माने जाते हैं मंगल को शिव पुत्र कार्तिके का स्वरूप माना गया है मंगल ग्रह स्वभाव के अति उग्र ओर क्रूर माना गया है

बुध ग्रह को ज्ञान वुद्धि विवेक का प्रदाता माना गया है प्राणियों को सर्वाधिक कष्ट देने वाला ग्रह शनि है विज्ञान के अनुसार सभी ग्रह की किरणें पृथ्वी से टकराती है और सभी जीव निर्जीव पर अपना प्रभाव डालती है कोई भी ग्रह नक्षत्र अथवा तारा उदय होते समय या अस्त होते समय अथवा स्थान बदलते समय उनके किरणों का कोण (angle)बदलता है तब हमारे खून की धाराओं के संचालन में तीव्रता या धीमापन अथवा बदलाव आता है उनका अन्य अंगों पर भी व्यापक असर होता है

ग्रहों की किरणों का अंश हमारे शरीर मे विद्यमान रहता है उनकी प्रकृति के अनुसार हमारे शरीर मे सुभ – अशुभ जो कुछ भी घटित होता है उन्हें अनुकूल ओर शांतिमय करने हेतु ही प्राचीन मनीषियों ने नवग्रह पूजन का विधान बनाया / नवग्रहों का पूजन करके उनके चेतन तत्व को जाग्रत करके दुष्प्रभावों को दूर करने की कोशिश की जाती है तथा ग्रहों की सूक्ष्म रश्मियों को अनुकूल करके घर के वातावरण को सुद्ध करके पूरे परिवार के लिए मंगल कामनाएं की जाती है

 

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